मंदिरा बेदी का मौन सहयोग: महिला क्रिकेट की अनसुनी कहानी

2004 का दौर भारतीय महिला क्रिकेट के लिए कठिन समय था। टीम आर्थिक संकट से जूझ रही थी और सुविधाओं का अभाव उन्हें पीछे धकेल रहा था। उस दौर में, अभिनेत्री और खेल प्रस्तोता मंदिरा बेदी ने बिना किसी शोर-शराबे के इस टीम के लिए मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अपने ब्रांड विज्ञापनों और कार्यक्रमों से अर्जित धन का बड़ा हिस्सा महिला क्रिकेट टीम की सहायता में लगा दिया।

मंदिरा ने न सिर्फ आर्थिक मदद दी, बल्कि कई नामी कंपनियों से फंड जुटाने में भी अहम भूमिका निभाई। उस समय टीम भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के अधीन नहीं थी, इसलिए खिलाड़ियों के पास जरूरी संसाधन भी नहीं थे। मिताली राज के नेतृत्व में टीम संघर्ष कर रही थी, और मंदिरा का यह सहयोग उनके मनोबल को बढ़ाने में एक मूक सहारा बना।

2006 में जब महिला क्रिकेट आखिरकार BCCI के अधीन आई, तब स्थितियाँ बदलने लगीं। आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के पीछे कई लोगों के प्रयास हैं, लेकिन मंदिरा बेदी का मौन योगदान अक्सर अनदेखा रह जाता है। उनकी निस्वार्थ भावना खेल के प्रति समर्पण का एक दुर्लभ उदाहरण है।