F-35 लड़ाकू विमान पर ट्रंप का दांव, बढ़ी वैश्विक हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में फिर चर्चा में आए जब उन्होंने ओवल ऑफिस में तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं से मुलाक़ात के दौरान F-35 लड़ाकू विमान का लोगो वाला कोट पहना। विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत था कि ट्रंप इस विमान को वैश्विक बाज़ार में और आक्रामक तरीके से पेश कर रहे हैं। तुर्की को लेकर उन्होंने साफ कहा कि “हमें कुछ चाहिए और उन्हें भी कुछ चाहिए, हम किसी नतीजे पर पहुँचेंगे।” इसके अलावा, उन्होंने भारत को भी F-35 की बिक्री का रास्ता खोलने की बात कही।
F-35, जिसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने विकसित किया है, पाँचवीं पीढ़ी का स्टील्थ मल्टीरोल फाइटर जेट है। यह हवा से हवा में मार करने, ज़मीनी हमलों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में सक्षम माना जाता है। अमेरिका इसे अपनी सैन्य ताकत का प्रतीक बताता है और सहयोगी देशों को इसे अपनाने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन लगातार हो रही तकनीकी खराबियों और दुर्घटनाओं ने इसके भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
केरल से लेकर जापान और अमेरिका तक, बीते कुछ वर्षों में F-35 कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। जुलाई 2025 में कैलिफ़ोर्निया के नेवल एयर स्टेशन लेमोर के पास इसका क्रैश होना और जनवरी में अलास्का में हुई दुर्घटना ने सुरक्षा विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। ऐसे में, जबकि ट्रंप इसे सहयोगी देशों को बेचना चाहते हैं, सवाल यही है कि क्या खरीदार इसके जोखिम को नज़रअंदाज़ कर पाएंगे।
