ट्रंप टैरिफ से न डगमगाया चीन का एक्सपोर्ट
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारी-भरकम टैरिफ के बावजूद चीन ने वैश्विक निर्यात बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि अगस्त में जहां अमेरिका को चीन का निर्यात 33% गिरा, वहीं यूरोपियन यूनियन, आसियान देशों और अफ्रीका को एक्सपोर्ट में दो अंकों की तेजी दर्ज की गई।
दरअसल, 2018 में जब अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर शुरू हुआ, तभी बीजिंग ने अपनी रणनीति बदल ली थी। चीन ने अमेरिका पर निर्भरता घटाने के लिए नए बाजार तलाशे और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का सहारा लेकर अफ्रीकी देशों में गहरी पैठ बनाई। आज अफ्रीका के स्मार्टफोन बाजार का आधा हिस्सा चीनी कंपनियों के पास है, जबकि कपड़ा और सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी चीन का दबदबा कायम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह तैयारी उसे अमेरिकी टैरिफ से बचाती रही। वैश्विक निर्यात में 14.5% हिस्सेदारी रखने वाला चीन 1.2 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड ट्रेड सरप्लस की ओर बढ़ रहा है। भारत के लिए यह एक नसीहत है, क्योंकि अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक निर्भरता भारतीय निर्यात को असुरक्षित बना रही है। चीन की तरह नए बाजारों में विविधता और रणनीतिक निवेश ही भविष्य की राह हो सकती है।
