डोनाल्ड ट्रंप के दावों से भड़का ईरान, क्या अधर में लटक जाएगा शांति समझौता?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक कूटनीति में एक नया संकट खड़ा कर दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बकेर गालिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने महज एक घंटे के भीतर सात बड़े झूठ बोले हैं। गालिबफ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ट्रंप का यही रवैया रहा, तो दोनों देशों के बीच होने वाला संभावित शांति समझौता उनकी वजह से ही विफल हो जाएगा। ईरान का कहना है कि अमेरिका की बयानबाजी और धमकियां बातचीत के माहौल को खराब कर रही हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व की जंग
इस विवाद का केंद्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बना हुआ है। इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम के बाद ईरान ने इस जलमार्ग को खोलने का निर्णय लिया था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। अमेरिका का उद्देश्य ईरानी तेल जहाजों को रोकना है। इसके जवाब में ईरान ने हुंकार भरी है कि हॉर्मुज जलमार्ग पर उसका नियंत्रण बना रहेगा और यदि अमेरिका ने अपनी सैन्य जिद नहीं छोड़ी, तो वह इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को फिर से पूरी तरह बंद कर सकता है।
सैन्य टकराव और बातचीत का भविष्य
ट्रंप की उस धमकी ने आग में घी डालने का काम किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू की जाएगी। ईरान ने इसे सोशल मीडिया के जरिए की जाने वाली ‘धौंस’ करार दिया है। पाकिस्तान में हुई पहले दौर की वार्ता के बाद अब सोमवार को दूसरे दौर की बैठक होने की संभावना है, लेकिन ट्रंप के कड़े रुख और ईरान के पलटवार ने इस चर्चा के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यदि यह गतिरोध बना रहा, तो खाड़ी क्षेत्र में तेल की आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ एक नए युद्ध का खतरा बढ़ सकता है।
एक झलक में
- ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप पर एक घंटे में सात झूठ बोलने और समझौते को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी के विरोध में ईरान ने जलमार्ग दोबारा बंद करने की दी चेतावनी।
- ट्रंप की बमबारी वाली धमकी के बीच दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता पर संकट के बादल।
- ईरानी स्पीकर गालिबफ ने स्पष्ट किया कि समुद्री व्यापारिक मार्गों का नियंत्रण तेहरान के हाथ में ही रहेगा।
