ट्रंप के बयानों पर ईरान सख्त, तनाव के बीच समझौते की राह हुई मुश्किल

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा गतिरोध अब जुबानी जंग में तब्दील हो गया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘झूठा’ करार दिया है। कालीबाफ का दावा है कि ट्रंप ने एक घंटे के भीतर कई भ्रामक बयान दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते की संभावना धूमिल होती दिख रही है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब सोमवार को पाकिस्तान में दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर दावों का टकराव
विवाद का मुख्य केंद्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने घोषणा की थी कि लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम रहने तक यह व्यापारिक मार्ग खुला रहेगा। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसकी नौसेना का घेराव जारी रहेगा और वह ईरान से आने-जाने वाले जहाजों को रोकना बंद नहीं करेगा। कालीबाफ ने दो टूक कहा है कि अगर अमेरिकी घेराबंदी जारी रहती है, तो हॉर्मुज को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा और जहाजों का आवागमन केवल ईरान की अनुमति से ही संभव होगा।
वार्ता की सफलता पर मंडराता संकट
इस तनावपूर्ण माहौल का सीधा असर कूटनीतिक प्रयासों पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बढ़ते अविश्वास के कारण इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत बेनतीजा रह सकती है। ट्रंप की ओर से सोशल मीडिया पर हॉर्मुज के खुलने की पुष्टि करने वाले बयानों को ईरान ने खारिज कर दिया है। यदि यह गतिरोध बना रहा, तो वैश्विक व्यापारिक मार्ग पर अस्थिरता बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
एक झलक में
- ईरानी स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप पर लगातार झूठ बोलने का आरोप लगाया।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्तों पर ईरान और अमेरिका के दावों में बड़ा विरोधाभास।
- सोमवार को पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता से पहले बढ़ी दोनों देशों की कड़वाहट।
- अमेरिका ने ईरानी जहाजों की नाकेबंदी जारी रखने का दिया कड़ा संकेत।
