चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, पहले ही दिन ऑफलाइन पंजीकरण का आंकड़ा दो हजार के पार!

चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, पहले ही दिन ऑफलाइन पंजीकरण का आंकड़ा दो हजार के पार!

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। शुक्रवार, 17 अप्रैल से शुरू हुए ऑफलाइन पंजीकरण के पहले ही दिन हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे केंद्रों पर भारी भीड़ देखी गई। आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन कुल 2,713 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण कराया, जिनमें ऋषिकेश में 1,670 और हरिद्वार में 1,043 यात्रियों ने अपना नाम दर्ज कराया। अब तक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों को मिलाकर कुल 18.41 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।

कपाट खुलने की तिथियां और तैयारी

इस वर्ष यात्रा का औपचारिक आरंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर हो रहा है। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके पश्चात 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और सुव्यवस्थित दर्शन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और बिना इसके यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पंजीकरण प्रक्रिया और प्रभाव

पंजीकरण की यह भारी संख्या स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। सरकार ने उन यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, हरबर्टपुर और नया गांव में ऑफलाइन केंद्र स्थापित किए हैं, जो ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग करने में असमर्थ हैं। बड़ी संख्या में यात्रियों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने परिवहन और ठहरने की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करना शुरू कर दिया है ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।

एक झलक में

  • ऑफलाइन पंजीकरण के पहले दिन कुल 2,713 यात्रियों ने पंजीकरण कराया।
  • यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खुलेंगे।
  • अब तक कुल पंजीकरण का आंकड़ा 18.41 लाख के पार पहुंच चुका है।
  • केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।