क्या 49 लाख वोटरों पर सिर्फ एक सांसद रहेगा! परिसीमन पर शाह ने विपक्ष को घेरा

क्या 49 लाख वोटरों पर सिर्फ एक सांसद रहेगा! परिसीमन पर शाह ने विपक्ष को घेरा

लोकसभा सीटों के परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में चल रही गरमागरम बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा बयान दिया है। शाह ने स्पष्ट किया कि 2029 तक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों का पुनर्गठन अनिवार्य है। उन्होंने डेटा का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से परिसीमन न होने के कारण आज कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में एक सांसद पर 49 लाख मतदाताओं की भारी जिम्मेदारी है, जो व्यावहारिक रूप से प्रभावी प्रतिनिधित्व को कठिन बनाता है।

उत्तर और दक्षिण के बीच संतुलन का दावा

विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे ‘उत्तर-दक्षिण विभाजन’ के आरोपों को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह केवल एक दुष्प्रचार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीटों की संख्या बढ़ने से किसी भी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। शाह के अनुसार, वर्तमान में सदन में दक्षिण भारत की हिस्सेदारी 23.76% है, जो परिसीमन के बाद मामूली रूप से बढ़कर 23.87% हो जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

2026 के बाद ही क्यों होगा बदलाव?

विपक्ष द्वारा समय सीमा पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने याद दिलाया कि 1971 से 2026 तक परिसीमन पर रोक लगी हुई थी। कानून के मुताबिक, 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर ही सीटों का पुनर्गठन संभव है। हालांकि, सदन में इस मुद्दे पर भारी हंगामा भी देखने को मिला, जहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने सरकार के दावों पर अविश्वास जताते हुए लिखित आश्वासन की मांग की।

एक झलक में

  • अमित शाह ने निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या के बोझ को देखते हुए परिसीमन को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी बताया।
  • गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटों के अनुपात में कोई कमी नहीं आएगी।
  • महिला आरक्षण कानून को 2029 तक पूरी तरह लागू करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाना एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है।
  • विपक्ष ने सरकार के इन तर्कों पर असहमति जताते हुए सदन में लिखित गारंटी और स्पष्टता की मांग की है।