आईएसएल से ठीक पहले ईस्ट बंगाल में बड़ा बवंडर! वेतन न मिलने पर खिलाड़ियों ने किया प्रैक्टिस का बहिष्कार!

आईएसएल से ठीक पहले ईस्ट बंगाल में बड़ा बवंडर! वेतन न मिलने पर खिलाड़ियों ने किया प्रैक्टिस का बहिष्कार!

इंडियन सुपर लीग (ISL) के नए सीजन की शुरुआत से ठीक पहले भारत के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लबों में से एक, ईस्ट बंगाल के खेमे में अचानक एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया। लंबे समय से वेतन बकाया होने के कारण क्लब के विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र यानी प्रैक्टिस का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई जब टीम अपनी आगामी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं की तैयारियों में जुटी हुई थी। निर्धारित समय पर अपना वैध पारिश्रमिक न मिलने के कारण खिलाड़ियों ने साफ तौर पर मैदान में उतरने से इनकार कर दिया था, जिससे प्रबंधन और प्रशंसकों के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि, प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई के बाद आखिरकार यह गतिरोध खत्म हो गया है और खिलाड़ी वापस अभ्यास पर लौट आए हैं।

गौरतलब है कि आईएसएल के पिछले सीजन के समापन के बाद से ही ईस्ट बंगाल क्लब को नए मुख्य प्रायोजक यानी स्पॉन्सर को लेकर भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य प्रायोजक की अनुपस्थिति के बावजूद, टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन जारी रखा और अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी मोहन बगान को हराकर प्रतिष्ठित डूरंड कप का खिताब अपने नाम किया था। लेकिन पर्दे के पीछे स्पॉन्सरशिप का यह संकट लगातार बना रहा। जब खिलाड़ियों का धैर्य जवाब दे गया, तो उन्होंने अभ्यास रोकने जैसा कड़ा कदम उठाया। सूत्रों के मुताबिक, सुबह के समय स्थिति काफी तनावपूर्ण थी और क्लब के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

जांच में यह बात सामने आई है कि ईस्ट बंगाल क्लब के पास खिलाड़ियों को भुगतान करने के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध था। लेकिन बैंक से जुड़ी कुछ तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण यह राशि समय पर खिलाड़ियों के संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर नहीं हो पा रही थी। जब अधिकारियों को असली वजह समझ में आई, तो क्लब के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत उस बैंक पहुंचे जहां ईस्ट बंगाल का आधिकारिक खाता है। बैंक अधिकारियों से सीधी बातचीत करके तमाम तकनीकी खामियों को दूर किया गया और कुछ ही घंटों के भीतर सभी खिलाड़ियों का बकाया वेतन उनके खातों में सफलतापूर्वक क्रेडिट कर दिया गया। पैसा मिलते ही खिलाड़ियों का असंतोष दूर हुआ और शाम तक मामला पूरी तरह शांत हो गया।

मुख्य कोच एंटोनियो लोपेज हबास के मार्गदर्शन में ईस्ट बंगाल की टीम इन दिनों शानदार लय में दिखाई दे रही है। हालांकि एशियाई स्तर पर एसीएल-2 के कड़े मुकाबले में टीम को 3-2 के करीबी अंतर से हार झेलनी पड़ी थी और उनके हाथ से प्रतिष्ठित आईएफए शील्ड भी फिसल गई, फिर भी कोच हबास इस बार आईएसएल ट्रॉफी पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आगामी रविवार को चर्चिल ब्रदर्स के खिलाफ ईस्ट बंगाल को अपना पहला आईएसएल मुकाबला खेलना है। इस महत्वपूर्ण मैच से ठीक पहले वेतन विवाद के कारण पैदा हुए तनाव ने क्लब प्रबंधन को बेहद दबाव में डाल दिया था। भले ही इस बार बैंक की समस्या सुलझाकर स्थिति पर काबू पा लिया गया हो, लेकिन यह यक्ष प्रश्न अब भी बना हुआ है कि अगर भविष्य में बिना प्रायोजक के दोबारा ऐसी वित्तीय स्थिति बनती है, तो क्लब प्रबंधन इसका स्थायी समाधान कैसे निकालेगा?

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