CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी CJP! दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद कोर्ट जाने की तैयारी।

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी CJP! दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद कोर्ट जाने की तैयारी।

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन कर प्रदर्शन करने के प्रयास के आरोप में की है। इस कार्रवाई के बाद से दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह और पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की इस कार्रवाई को नागरिकों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार व प्रशासन पर कड़े सवाल उठाए हैं।

सीजेपी का आरोप है कि जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखे गए सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य नेताओं को उनके वकीलों से भी मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए सभी नेताओं के मोबाइल फोन जबरन छीन लिए हैं। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा कि देश के मुख्य प्रतीक तिरंगे को लहराने के लिए नेताओं को हिरासत में लिया गया और अब पुलिस स्टेशन के एसएचओ (SHO) उन्हें कानूनी सहायता लेने से रोक रहे हैं, जो कि बेहद गंभीर और चिंताजनक बात है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस कानून के तहत वकीलों को अपने मुवक्किलों से मिलने से रोका जा रहा है?

घटनाक्रम के मुताबिक, मंगलवार सुबह सीजेपी के कई कार्यकर्ता हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर अचानक जेडीयू दफ्तर की दिशा से जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे। इलाके में तैनात पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी नेताओं को रोक लिया और हिरासत में ले लिया। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय ने हाल ही में सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी थी और इस स्थल को ‘डीनोटीफाइड’ घोषित कर दिया था। प्रदर्शनकारियों के लिए इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को वैकल्पिक स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है।

पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया? क्या अब भारत में अपना ही राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध की श्रेणी में आता है?” उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि तानाशाही रवैये और पुलिस की धरपकड़ से जनता के विरोध और आवाज को दबाया नहीं जा सकता। गौरतलब है कि चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी समेत कई राजनीतिक संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस घटना के बाद मामला अब कानूनी मोड़ लेता दिख रहा है।

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