“2017 से पहले त्योहार आते ही शुरू हो जाते थे दंगे…” बरेली के मंच से सपा पर गरजे सीएम योगी!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था में आए ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) पर करारा हमला बोला है। मंगलवार को बरेली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 5,000 ग्राम प्रहरी (ग्राम रक्षकों) को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में त्यौहारों की खुशियों की जगह दंगों का खौफ छाया रहता था, लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी के शासन में उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है और शांति का प्रतीक बन गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उत्तर प्रदेश अब बदल चुका है और आपकी यह पावन धरा बरेली इसका सबसे बड़ा जीवंत प्रमाण है। 2017 से पहले जब भी कोई त्यौहार आता था, तो उससे ठीक पहले दंगे भड़क उठते थे और लोग उत्सव की खुशियां मनाना भूल जाते थे। लेकिन आज माहौल ऐसा बदल चुका है कि लोग दंगों का नाम तक भूल गए हैं। आज प्रदेश के हर गांव, हर कस्बे और हर मोहल्ले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भव्य मूर्तियां स्थापित करके शारदीय नवरात्रि के धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।”
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, “पहले अक्सर पंचमी या सप्तमी के आसपास मूर्तियां स्थापित की जाती थीं, लेकिन इस बार मैंने देखा कि प्रतिपदा तिथि से ही श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। मंदिरों में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है और बिना किसी भय के लोग दूर-दराज के शक्तिपीठों के दर्शन कर रहे हैं। इस सुरक्षित वातावरण ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश के प्रति नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है।”
विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की 25 करोड़ जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा, “पहले लोगों का मानना था कि उत्तर प्रदेश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। मुट्ठी भर अपराधियों और माफियाओं की गलतियों की सजा प्रदेश के हर नागरिक को भुगतनी पड़ती थी। प्रदेश के युवाओं, व्यापारियों और बेटियों के सामने पहचान का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। यूपी के लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था। लेकिन आज कानून के सख्त राज और विकास की वजह से प्रदेश के युवाओं को अपनी पहचान पर गर्व हो रहा है।”
