भारत टैरिफ नीति पर ट्रंप घिरे, बोल्टन ने साधा निशाना
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत टैरिफ नीति अब उन्हीं के लिए मुश्किल खड़ी कर रही है। अमेरिका के भीतर ही इस फैसले का विरोध तेज हो गया है। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने इस नीति को “अत्यधिक और निरर्थक” बताया है। उनका कहना है कि भारत ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम का उल्लंघन नहीं किया, बावजूद इसके पूरे भारतीय व्यापार को निशाना बनाया गया।
बोल्टन ने टाइम्स रेडियो को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि रूस से तेल खरीद को लेकर भारत को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि जब ईरान पर प्रतिबंध लगाए गए थे, तब अमेरिका ने सहयोगी देशों को छूट दी थी, लेकिन भारत को कोई विकल्प नहीं दिया गया। उनके अनुसार, इस नीति ने भारत को रूस के और करीब धकेला और इससे अमेरिका-भारत के दशकों पुराने रणनीतिक रिश्ते कमजोर हो गए।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया और अमेरिका में उठते विरोध के बाद ट्रंप का रुख बदलता दिख रहा है। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “अच्छा दोस्त” बताते हुए कहा कि दोनों देश व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि घरेलू दबाव और भारत की रणनीतिक अहमियत ने ट्रंप को अपने रुख में नरमी लाने पर मजबूर कर दिया है।
