संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने पर भड़के अमित शाह, कांग्रेस पर लगाया देश की 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने का आरोप

संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने पर भड़के अमित शाह, कांग्रेस पर लगाया देश की 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने का आरोप

संसद के निचले सदन में संविधान संशोधन के लिए आवश्यक बहुमत न मिल पाने के कारण महिला आरक्षण बिल गिर गया है। बिल को पारित कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन यह आंकड़ा लक्ष्य से 54 वोट पीछे रह गया। सदन में मौजूद कुल सदस्यों में से 230 ने बिल के विरोध में मतदान किया। पिछले 12 वर्षों में यह पहली बार है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन विधेयक सदन में विफल हुआ है। विपक्ष इस नतीजे को सरकार की बड़ी नैतिक हार के रूप में देख रहा है और सदन के भीतर जश्न मनाता नजर आया।

विपक्ष के जश्न पर सरकार का तीखा प्रहार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस विफलता के बाद विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल किया कि देश की आधी आबादी और 70 करोड़ महिलाओं का विश्वास तोड़ने के बाद कोई जश्न कैसे मना सकता है। शाह ने विपक्ष के इस व्यवहार को उन महिलाओं का अपमान बताया जो दशकों से अपने राजनीतिक अधिकारों का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह अहंकार वाली खुशी असल में एक बड़ी पराजय है, जिसे विपक्ष समझ नहीं पा रहा है।

राजनीतिक परिणाम और भविष्य पर प्रभाव

भाजपा नेतृत्व ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसे दलों पर महिला विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया है। सरकार का तर्क है कि यह श्रेय की लड़ाई नहीं बल्कि महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का प्रयास था। विश्लेषकों का मानना है कि इस बिल के गिरने का गहरा राजनीतिक असर होगा और आगामी चुनावों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का मुद्दा एक निर्णायक मोड़ ले सकता है।

एक झलक में

  • संविधान संशोधन के लिए जरूरी 352 वोटों के मुकाबले विपक्ष के भारी विरोध के कारण बिल गिर गया।
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और सहयोगियों पर 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया।
  • मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहली बार कोई संविधान संशोधन विधेयक सदन में विफल हुआ है।
  • भाजपा ने इसे लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ बताते हुए कहा कि विपक्ष को इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी होगी।