महिला आरक्षण बिल पर संग्राम, विपक्ष को घेरने के लिए अब जनता के बीच जाएंगे उपेंद्र कुशवाहा

महिला आरक्षण बिल पर संग्राम, विपक्ष को घेरने के लिए अब जनता के बीच जाएंगे उपेंद्र कुशवाहा

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष के इस कदम को ‘महिला विरोधी’ करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। कुशवाहा ने घोषणा की है कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से महिलाओं के अधिकारों में डाली गई इस बाधा को वह जनता की अदालत में ले जाएंगे। इसके लिए वह जल्द ही एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेंगे।

विपक्ष पर तीखा हमला और ओबीसी आरक्षण का तर्क

उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष का सहयोग मिलता, तो न केवल सदन की सीटें बढ़तीं, बल्कि उनमें से 33 प्रतिशत पर महिलाएं काबिज होतीं। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा इसका समर्थन करती है, लेकिन यह प्रक्रियाधीन जातीय गणना के बाद ही व्यावहारिक रूप से संभव है। वर्तमान बिल में एससी और एसटी महिलाओं के लिए पहले से मौजूद व्यवस्था के तहत आरक्षण का प्रावधान था, जिसे विपक्ष ने रोक कर आधी आबादी के साथ अन्याय किया है।

हमलावर हुई मांझी की पार्टी

कुशवाहा के साथ ही जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा’ भी विपक्ष पर हमलावर है। बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक अवसर का नुकसान बताया है। उनका कहना है कि संसद में बिल नहीं गिरा है, बल्कि देश की महिलाओं की नजरों में विपक्ष का विश्वास गिर गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण प्राथमिकता नहीं है, बल्कि वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं।

राजनीतिक प्रभाव की संभावना

इस विरोध का सीधा असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। सत्ता पक्ष इस मुद्दे को महिला सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर ग्रामीण और शहरी महिला मतदाताओं के बीच ले जाने की तैयारी में है। विपक्ष द्वारा बिल का विरोध किए जाने से अब एनडीए गठबंधन को उनके खिलाफ एक मजबूत नैरेटिव बनाने का मौका मिल गया है, जिससे चुनावी समीकरणों में महिलाओं की भागीदारी और उनके वोट बैंक पर बड़ा प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।

एक झलक में

  • रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा विपक्ष के खिलाफ जनता के बीच जाने के लिए बनाएंगे विशेष कार्यक्रम।
  • कुशवाहा ने विपक्ष पर महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में जाने से रोकने का लगाया आरोप।
  • संतोष सुमन ने विपक्ष के रवैए को नारी शक्ति के प्रति नकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।
  • एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को मिलने वाले तात्कालिक लाभ में रुकावट को बनाया जा रहा है मुख्य मुद्दा।