मणिपुर के इम्फाल वेस्ट में भड़का भारी आक्रोश, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर दागे आंसू गैस के गोले

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हुए एक हृदयविदारक रॉकेट हमले के बाद राज्य में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। शनिवार, 18 अप्रैल को इम्फाल वेस्ट के खुरई लामलोंग इलाके में त्रोन्गलाओबी घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई। स्थिति को अनियंत्रित होता देख सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।
त्रोन्गलाओबी हमला और जनाक्रोश
तनाव की मुख्य वजह 7 अप्रैल की रात त्रोन्गलाओबी अवांग लेकाई में हुआ वह कायराना हमला है, जिसमें संदिग्ध उग्रवादियों ने एक बीएसएफ जवान के घर को निशाना बनाकर लंबी दूरी का रॉकेट दागा था। इस धमाके में जवान के दो मासूम बच्चों, जिनमें एक 5 साल का बेटा और एक 5 महीने की बेटी शामिल थी, की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने घाटी के लोगों में भारी रोष भर दिया है, जो अब दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
सुरक्षा चुनौतियां और वर्तमान स्थिति
राज्य में शांति बहाली के प्रयासों के बीच इस तरह के रॉकेट हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उग्रवादियों द्वारा आधुनिक हथियारों और प्रोजेक्टाइल का इस्तेमाल बफर जोन की सुरक्षा में सेंध को दर्शाता है। प्रशासन ने अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए एहतियातन पांच जिलों में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं, लेकिन समुदायों के बीच अविश्वास की गहरी खाई शांति प्रक्रिया के मार्ग में अब भी बड़ी बाधा बनी हुई है।
एक झलक में
- बिष्णुपुर के त्रोन्गलाओबी में रॉकेट हमले में बीएसएफ जवान के दो मासूम बच्चों की मौत के बाद प्रदर्शन तेज।
- इम्फाल वेस्ट के खुरई लामलोंग में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प, आंसू गैस का हुआ इस्तेमाल।
- स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मणिपुर के पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित।
- उग्रवादियों द्वारा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से राज्य में जातीय तनाव और सुरक्षा संकट गहराया।
