भारत की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज़! घर बैठे ऑनलाइन कैसे जमा करें अपना विवरण?

भारत की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज़! घर बैठे ऑनलाइन कैसे जमा करें अपना विवरण?

भारत में आज से ऐतिहासिक २०২৭ की जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए सटीक आंकड़े जुटाना है। गृह मंत्रालय के अनुसार, यह प्रक्रिया एक वर्ष तक चलेगी और अगले वर्ष अंतिम गणना कार्य संपन्न होगा।

क्षेत्रीय संचालन और डिजिटल माध्यम

जनगणना के पहले चरण में हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य आज से ओडिशा, सिक्किम, गोवा और कर्नाटक जैसे राज्यों के साथ-साथ दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में शुरू हो गया है। अगले महीने की १५ तारीख तक चलने वाले इस अभियान में प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। डिजिटल माध्यम होने के कारण आंकड़ों के विश्लेषण में अधिक पारदर्शिता और गति आएगी।

स्व-पंजीकरण और डेटा जमा करने की विधि

नागरिकों की सुविधा के लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है जो १६ भाषाओं में उपलब्ध है। लोग अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉग-इन करके खुद ही अपना विवरण ऑनलाइन भर सकते हैं। फॉर्म जमा करने के बाद एक रेफरेंस आईडी प्राप्त होगी। जब प्रगणक घर आएंगे, तो उन्हें केवल यह आईडी दिखानी होगी, जिससे डेटा के सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

एक झलक में

  • २०2७ की जनगणना भारत की पहली पूर्ण रूप से डिजिटल और कागज रहित गणना है।
  • ओडिशा, कर्नाटक और सिक्किम सहित कई राज्यों में आज से हाउसलिस्टिंग का काम शुरू हुआ।
  • नागरिक १६ भाषाओं में उपलब्ध पोर्टल के जरिए खुद ऑनलाइन डेटा दर्ज कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्राप्त रेफरेंस आईडी को प्रगणकों को दिखाना अनिवार्य है।