ट्रम्प की चेतावनी से पश्चिम एशिया में फिर मंडराया युद्ध का खतरा, क्या ईरान के साथ टूटेगा संघर्षविराम?

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह 22 अप्रैल को समाप्त हो रहे दो सप्ताह के संघर्षविराम की अवधि को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी जारी रखेगा और सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू कर सकता है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और जवाबी चेतावनी
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान ने भी अपने रुख में आक्रामकता दिखाई है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर सकते हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची ने साफ किया है कि होर्मुज के रास्ते व्यापारिक आवाजाही केवल तब तक सुरक्षित है, जब तक लेबनान और इजरायल के साथ संघर्षविराम प्रभावी रहता है।
इस्लामाबाद में अंतिम दौर की वार्ता पर टिकी निगाहें
तनाव के बीच कूटनीतिक समाधान की आखिरी उम्मीद सोमवार को इस्लामाबाद में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से जुड़ी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के वार्ताकार इस चर्चा के लिए पाकिस्तान की राजधानी पहुंच रहे हैं, जिसमें लेबनान और इजरायल के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना है। इससे पहले 11-12 अप्रैल को हुई शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई थी, जो दशकों बाद दोनों देशों के बीच पहली सीधी बातचीत थी।
क्षेत्रीय स्थिरता पर संभावित प्रभाव
यदि इस्लामाबाद वार्ता विफल रहती है और संघर्षविराम की अवधि नहीं बढ़ाई जाती, तो पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव की आशंका है। अमेरिका द्वारा ईरान पर बमबारी की चेतावनी और ईरान द्वारा वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग (होर्मुज) को बंद करने की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस टकराव का सीधा असर वैश्विक ईंधन कीमतों और समुद्री व्यापारिक सुरक्षा पर पड़ना तय माना जा रहा है।
एक झलक में
- राष्ट्रपति ट्रंप ने 22 अप्रैल के बाद संघर्षविराम बढ़ाने से इनकार करते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी।
- ईरान ने पलटवार करते हुए व्यापारिक दृष्टि से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है।
- संकट के समाधान के लिए सोमवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच निर्णायक बैठक होने वाली है।
- समुद्री घेराबंदी जारी रहने और वार्ता विफल होने पर क्षेत्र में भीषण युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
