टीसीएस धर्मांतरण विवाद में आरोपी निदा खान फरार, पुलिस को गुमराह कर रहा पति

टीसीएस धर्मांतरण विवाद में आरोपी निदा खान फरार, पुलिस को गुमराह कर रहा पति

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों से घिरी निदा खान पिछले एक सप्ताह से फरार है। निदा के निलंबन के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन उसके ठिकाने को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। इस बीच निदा के पति की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, जो पुलिस पूछताछ में लगातार अपने बयान बदल रहा है और जांच टीम को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।

पति के विरोधाभासी बयान और पुलिस की कार्रवाई

शुक्रवार को हुई पूछताछ के दौरान निदा के पति ने पुलिस को बताया कि वह 14 अप्रैल से एक रिश्तेदार के घर पर है, लेकिन पुलिस के वहां पहुँचने पर वह घर बंद मिला और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ पाए गए। इसके बाद पति ने नया दावा किया कि निदा को उसकी मौसी नासिक ले गई है। पुलिस अब इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। निदा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की है।

गंभीर आरोपों के घेरे में कंपनी की कार्यप्रणाली

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला कर्मचारी ने निदा के भाई दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और निदा पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया। जांच आगे बढ़ने पर सात अन्य महिलाओं ने भी वरिष्ठ सहकर्मियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले ने कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है क्योंकि इसमें एचआर विभाग द्वारा शिकायतों की अनदेखी करने की बात भी सामने आई है।

अब तक पुलिस इस मामले में एक महिला एचआर हेड समेत सात कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। निदा खान की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या कंपनी के भीतर संगठित रूप से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इस घटना के बाद टीसीएस की कार्यसंस्कृति और महिला सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

एक झलक में

  • टीसीएस नासिक की निलंबित कर्मचारी निदा खान एक हफ्ते से लापता है और अग्रिम जमानत की कोशिश में है।
  • आरोपी का पति पुलिस को लगातार गलत जानकारी देकर जांच में बाधा डाल रहा है।
  • मामले में अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें कंपनी की एचआर हेड भी शामिल है।
  • सात अन्य महिला कर्मचारियों ने भी यौन उत्पीड़न और भेदभाव की शिकायत दर्ज कराई है।