बंगाल चुनाव से पहले उम्मीदवारों की संपत्ति में भारी उछाल, एक विधायक की दौलत 2344 प्रतिशत बढ़ी!

बंगाल चुनाव से पहले उम्मीदवारों की संपत्ति में भारी उछाल, एक विधायक की दौलत 2344 प्रतिशत बढ़ी!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। निर्वाचन आयोग को सौंपी गई जानकारी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कई प्रमुख नेताओं की संपत्ति में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। जहां कुछ दिग्गजों की संपत्ति दोगुनी हो गई है, वहीं कुछ ऐसे भी नाम सामने आए हैं जिनकी संपत्ति की विकास दर ने सभी को हैरान कर दिया है।

संपत्ति में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी और करोड़पति उम्मीदवार

वित्तीय विवरणों के विश्लेषण में पुरुलिया से भाजपा विधायक सुदीप कुमार मुखर्जी का नाम सबसे ऊपर है, जिनकी संपत्ति 2021 में मात्र 45 लाख रुपये थी और अब बढ़कर 11 करोड़ रुपये हो गई है। यह 2344 प्रतिशत की अविश्वसनीय वृद्धि है। इसी तरह, जंगीपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जाकिर हुसैन 133 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर उम्मीदवारों की सूची में शीर्ष पर हैं। रायगंज के कृष्ण कल्याणी और कूचबिहार उत्तर के सुकुमार रॉय जैसे नेताओं की संपत्ति में भी क्रमशः 247 और 300 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है।

शुभेंदु अधिकारी और अन्य की संपत्ति में गिरावट

इस बढ़त के बीच राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का मामला थोड़ा अलग नजर आता है। उनके हलफनामे के अनुसार, उनकी वार्षिक आय में तो वृद्धि हुई है, लेकिन उनकी चल संपत्ति 2021 के 59.31 लाख रुपये से घटकर अब 24.57 लाख रुपये रह गई है। शुभेंदु के अलावा अशोक डिंडा और रुदेन सदा लेपचा जैसे नेताओं की संपत्ति में भी पिछले पांच वर्षों के मुकाबले कमी देखी गई है।

नेताओं की संपत्ति में यह उतार-चढ़ाव आने वाले चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। विपक्षी दल और आम जनता के बीच उम्मीदवारों की आय के स्रोतों और इतनी तीव्र वृद्धि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसका सीधा प्रभाव मतदाताओं के निर्णय पर पड़ने की संभावना है।

एक झलक में

  • भाजपा विधायक सुदीप मुखर्जी की संपत्ति में 2344% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई।
  • टीएमसी के जाकिर हुसैन 133 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
  • शुभेंदु अधिकारी की वार्षिक आय बढ़ी लेकिन चल संपत्ति में करीब 35 लाख रुपये की कमी आई।
  • पहले चरण के कई अन्य उम्मीदवारों की संपत्ति में भी 200 से 300 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया।