कनाडा देगा H-1B कर्मचारियों को नए अवसर
अमेरिका द्वारा H-1B वीजा आवेदन की फीस को अचानक बढ़ाकर लगभग 88 लाख रुपये कर दिए जाने से भारतीय पेशेवरों में चिंता बढ़ गई है। अब तक हर साल 85 हजार H-1B वीजा लॉटरी सिस्टम से जारी किए जाते थे, जिनमें लगभग 70 फीसदी भारतीयों को मिलते थे। बढ़ी हुई लागत से अब वहां काम का सपना और भी मुश्किल हो गया है।
इसी मौके को समझते हुए कनाडा ने संकेत दिए हैं कि वह विदेशी कामगारों के लिए नए रोजगार प्रस्ताव लेकर आएगा। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, “अमेरिका में वीजा शुल्क अत्यधिक महंगा हो गया है। हजारों कुशल लोग अब वहां अवसर नहीं पाएंगे। यह हमारे लिए सही समय है कि हम उन्हें कनाडा बुलाएं।” कार्नी के मुताबिक, यह कदम न केवल कनाडा की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि विदेशी उद्यमियों और टेक पेशेवरों को भी बड़ा मंच प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा की यह नीति भारतीय आईटी सेक्टर के लिए राहत का रास्ता खोल सकती है। चीन पहले ही H-1B प्रभावित पेशेवरों को अपने यहां आमंत्रित कर चुका है। ऐसे में अमेरिका की सख्ती, भारत के लाखों कुशल कामगारों को कनाडा और चीन जैसे देशों की ओर देखने पर मजबूर कर सकती है। आने वाले महीनों में इस फैसले से वैश्विक तकनीकी परिदृश्य पर बड़ा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
