अमेरिका ने खारिज किया ट्रंप का दावा, भारत में वोटिंग फंडिंग से इंकार

दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावे को सख्ती से नकार दिया है। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए अमेरिकी सहायता एजेंसी (USAID) ने 21 मिलियन डॉलर आवंटित किए। हालांकि, दूतावास ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2014 से 2024 तक भारत में वोटिंग से जुड़ी किसी भी गतिविधि के लिए न तो कोई फंडिंग दी गई और न ही इस तरह का कोई कार्यक्रम संचालित हुआ।

इस खंडन ने भारत की राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। ट्रंप का बयान सामने आने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। बीजेपी ने इसे भारत की चुनावी प्रक्रिया में “बाहरी हस्तक्षेप” करार दिया, जबकि कांग्रेस ने इन दावों को निराधार बताया। वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा था कि ऐसे दावे देश के आंतरिक मामलों पर सवाल उठाते हैं। अब अमेरिकी दूतावास के स्पष्ट बयान के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।

दूतावास ने यह भी पुष्टि की कि 15 अगस्त 2025 से भारत में USAID के सभी संचालन आधिकारिक रूप से बंद कर दिए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान न केवल भारत-अमेरिका संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश है, बल्कि ट्रंप के बयानों से उपजे भ्रम को भी समाप्त करने का प्रयास है। इससे यह संदेश गया है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का बाहरी फंडिंग हस्तक्षेप नहीं हुआ है।