रणनीतिक संबंधों को धार देने रियाद पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद का आधिकारिक दौरा कर द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर उच्चस्तरीय चर्चा की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाना है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक हलचल की जानकारी साझा की।
ऊर्जा और सुरक्षा पर विशेष जोर
डोभाल ने सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बिन सलमान और विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इन बैठकों में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और आपसी सुरक्षा हितों की रक्षा पर सहमति बनी। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो वैश्विक अस्थिरता के बीच एक स्थिर आर्थिक आधार प्रदान कर सकती है।
यूक्रेन संघर्ष और कूटनीतिक रुख
रियाद दौरे से पहले डोभाल ने यूक्रेन के सुरक्षा सचिव रुस्तम उमेरोव से मुलाकात कर रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा की थी। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों को सुलझाने का पक्षधर है। इन दौरों के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह वैश्विक संकटों, जैसे खाद्य और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान, को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है।
एक झलक में
एनएसए अजीत डोभाल ने रियाद में सऊदी नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सऊदी यात्रा से पहले यूक्रेन के प्रतिनिधियों के साथ युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान पर वार्ता हुई।
भारत वैश्विक मंच पर संवाद और कूटनीति के माध्यम से अपनी प्रभावी भूमिका दर्ज करा रहा है।
