स्वदेशी ‘रुक्मिणी टर्मिनल’ से मजबूत होगा नेटवर्क, इजरायल पर घटेगी निर्भरता
September 29, 2026

भारतीय नौसेना हिंद महासागर में अपने सुरक्षित संचार ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह स्वदेशी ‘रुक्मिणी टर्मिनल’ विकसित कर रही है। ‘मेक-II’ श्रेणी के तहत शुरू की गई इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुराने इजरायली टर्मिनलों को बदलना है, जो तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ये नए C-बैंड और Ku-बैंड टर्मिनल नौसेना के उन्नत उपग्रह GSAT-7R से सीधे जुड़ेंगे।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता इस नई तकनीक से युद्धपोतों, पनडुब्बियों और सैन्य विमानों के बीच हाई-स्पीड तथा सुरक्षित संपर्क संभव हो सकेगा। इससे न केवल इजरायली तकनीक पर भारत की निर्भरता कम होगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी नौसेना की स्थिति काफी मजबूत होगी। यह कदम भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
प्रतिवेदक: वर्तमान ठाकुर।
