रूस में प्राकृतिक आपदा का तांडव! कामचटका में 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से कांपी धरती

यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप केंद्र (EMSC) से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आज शुक्रवार 16 अक्टूबर को रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र स्थित कामचटका प्रायद्वीप में रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। इस भीषण भूकंप के झटके महसूस होते ही स्थानीय नागरिकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे अपने घरों व दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे।
भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस तीव्र झटके का केंद्र धरती की सतह से लगभग 140 किलोमीटर यानी करीब 86.99 मील की गहराई में स्थित था। गनीमत यह रही कि भूकंप का केंद्र काफी गहराई में था, जिसके कारण शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी भी बड़े जानमाल के नुकसान या संपत्ति के नष्ट होने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय आपातकालीन और प्रशासनिक दल प्रभावित इलाकों में लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आपको बता दें कि रूस का यह सुदूर पूर्वी इलाका यानी कामचटका एक विस्तृत प्रायद्वीप है। यह भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के उस अत्यधिक सक्रिय और संवेदनशील भूकम्पकीय क्षेत्र में स्थित है, जहां अक्सर पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने के कारण शक्तिशाली भूकंप आते रहते हैं। इतिहास गवाह है कि इस क्षेत्र में अतीत में भी कई भयंकर भूकंप आ चुके हैं, जिन्होंने भारी तबाही मचाई है।
यदि हम पिछले आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2025 के सितंबर महीने में भी इसी रूसी सुदूर पूर्व के कामचटका प्रायद्वीप के तटीय इलाकों के पास 7.8 तीव्रता का एक अत्यंत शक्तिशाली भूकंप आया था। उस दौरान आए भीषण झटकों से बड़े-बड़े प्रशासनिक और आवासीय भवन बुरी तरह कांप उठे थे, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तत्काल সুনামি की चेतावनी जारी कर दी थी। हालांकि, स्थिति का आकलन करने के बाद उस चेतावनी को बाद में वापस ले लिया गया था।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में आने वाले भूकंपों के केंद्र अक्सर क्षेत्रीय राजधानी पेट्रोपावल्स्क-कमचत्स्की के आसपास होते हैं। कई बार भूकंप का केंद्र सतह से बहुत कम गहराई पर होता है, जिससे तबाही का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। रूसी राज्य भू-भौतिकीय सेवा भी इन झटकों की तीव्रता का आकलन करती है और कई मौकों पर लगातार कई आफ्टर-शॉक्स दर्ज किए जाते हैं, जो लोगों की रातों की नींद उड़ा देते हैं।
कामचटका के तत्कालीन गवर्नर व्लादिमीर सोलोदव ने पूर्व में आए एक बड़े भूकंप के बाद कहा था कि बार-बार आने वाली ये प्राकृतिक आपदाएं वहां के निवासियों की सहनशक्ति और धैर्य की कड़ी परीक्षा लेती हैं। उन्होंने हमेशा लोगों से संयम बरतने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। वर्तमान स्थिति में भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हरसंभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
