“खिलाड़ियों का आत्मविश्वास तोड़ रहा है टीम मैनेजमेंट!” वैभब और संजू को बार-बार बाहर बैठाने पर भड़के कृष्णमाचारी श्रीकांत

“खिलाड़ियों का आत्मविश्वास तोड़ रहा है टीम मैनेजमेंट!” वैभब और संजू को बार-बार बाहर बैठाने पर भड़के कृष्णमाचारी श्रीकांत

भारतीय क्रिकेट टीम में प्रतिभाशाली ओपनर्स की कोई कमी नहीं है, जहां आईपीएल के स्टार खिलाड़ी जैसे अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, हालिया दौर में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को लगातार नजरअंदाज करने और बार-बार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उनका मानना है कि बार-बार खिलाड़ियों को ड्रॉप करना और उन्हें बेंच पर बैठाए रखना उनके मानसिक मनोबल और आत्मविश्वास को पूरी तरह से चकनाचूर कर रहा है, जिससे न केवल संजू सैमसन बल्कि युवा वैभव सूर्यवंशी का करियर भी खतरे में पड़ रहा है।

इस साल जून-जुलाई में इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर भारतीय सीनियर टीम में पहली बार शामिल किए गए वैभव सूर्यवंशी को लेकर श्रीकांत ने खुलकर अपनी बात रखी। आयरलैंड दौरे पर पूरा मौका मिलने के बाद जब संजू सैमसन इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में फ्लॉप रहे, तो दूसरे मैच में वैभव को इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला, जहां उन्होंने 14, 13 और 15 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50, 20 और 81 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज आते ही उन्हें फिर से टीम से बाहर कर दिया गया। यूट्यूब पर एक वीडियो में श्रीकांत ने दो टूक कहा, “सिर्फ संजू ही नहीं, टीम इंडिया ने वैभव का आत्मविश्वास भी तोड़ दिया है। वेस्टइंडीज जैसी कमजोर टीम के खिलाफ सीरीज में कम से कम उन्हें तीन मैच खेलने का पूरा मौका मिलना चाहिए था। अभिषेक शर्मा लंबे समय से खेल रहे हैं, उन्हें आराम दिया जा सकता था।”

संजू सैमसन की फॉर्म और निरंतरता पर बात करते हुए श्रीकांत ने कहा कि वह कभी भी पूरी तरह कंसिस्टेंट नहीं रहे हैं, उनका प्रदर्शन अक्सर ऊपर-नीचे होता रहता है। उन्होंने कहा कि टी20 विश्व कप में संजू ने कुछ बेहतरीन पारियां खेली थीं, जिसके बाद से उनके फॉर्म में गिरावट आई है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि एक युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लगातार बेंच पर बैठाकर उसका मनोबल गिराया जाए। कपिल देव की 1983 की विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे श्रीकांत ने गौतम গম্ভীর और टीम प्रबंधन की इस रणनीतिक भूल की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने मांग की है कि आगामी मुकाबलों में संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को पारी की शुरुआत करने का पूरा मौका मिलना चाहिए ताकि वे अपनी खोई हुई लय वापस पा सकें।

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