चीन की बढ़ेगी बेचैनी, फिलीपींस पहली बार दागेगा भारत की घातक ब्रह्मोस मिसाइल!

चीन की बढ़ेगी बेचैनी, फिलीपींस पहली बार दागेगा भारत की घातक ब्रह्मोस मिसाइल!

दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते दबदबे को चुनौती देने के लिए फिलीपींस अब अपने सबसे शक्तिशाली हथियार ‘ब्रह्मोस’ का इस्तेमाल करने जा रहा है। ‘बालिकाटन 2026’ सैन्य अभ्यास के दौरान फिलीपींस की मरीन कोर पहली बार भारत से खरीदी गई इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की सिमुलेशन फायरिंग करेगी। लगभग 3,100 करोड़ रुपये के सौदे के बाद मिली यह मिसाइल अब फिलीपींस की तटीय सुरक्षा का मुख्य आधार बन चुकी है।

युद्ध जैसी तैयारी और मारक क्षमता सिमुलेशन फायरिंग के जरिए फिलीपींस के सैनिक असली युद्ध जैसा माहौल बनाकर मिसाइल ऑपरेटिंग सिस्टम का अभ्यास करेंगे। ब्रह्मोस की रफ्तार ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना अधिक (2.8 मैक) है, जो इसे दुश्मन के रडार से बचने और 290 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम बनाती है। यह तकनीक फिलीपींस को समुद्री सीमा पर एक बड़ी बढ़त प्रदान करती है।

चीन की चेतावनी और रणनीतिक प्रभाव फिलीपींस के इस कदम से बीजिंग में हड़कंप है। चीन ने इस सैन्य अभ्यास को बाहरी ताकतों का हस्तक्षेप करार दिया है, लेकिन फिलीपींस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। ब्रह्मोस जैसी भारतीय मिसाइल का इस क्षेत्र में तैनात होना न केवल फिलीपींस की ताकत बढ़ाता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की रक्षा तकनीक के बढ़ते कद को भी दर्शाता है।

एक झलक में

  • फिलीपींस भारत-रूस निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल पाने वाला पहला विदेशी देश है।
  • सिमुलेशन फायरिंग का मकसद सैनिकों को बिना असली मिसाइल दागे युद्ध के लिए तैयार करना है।
  • 290 किमी रेंज वाली यह मिसाइल दुनिया की सबसे तेज एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों में से एक है।
  • यह अभ्यास अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों के साथ मिलकर किया जा रहा है।