ईरान को ट्रंप की सीधी चेतावनी, बुधवार तक समझौता नहीं हुआ तो फिर होगी बमबारी

ईरान को ट्रंप की सीधी चेतावनी, बुधवार तक समझौता नहीं हुआ तो फिर होगी बमबारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक बेहद सख्त रुख अपनाया है। फिनिक्स से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी बुधवार तक दोनों देशों के बीच किसी बड़े समझौते पर सहमति नहीं बनती है, तो वे युद्धविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते के अभाव में अमेरिका न केवल ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा, बल्कि सैन्य कार्रवाई और बमबारी की शुरुआत भी कर सकता है।

कूटनीतिक गतिरोध और आर्थिक दबाव

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पाकिस्तान में हुई दोनों पक्षों की अप्रत्यक्ष बातचीत भी विफल रही है। वर्तमान में विवाद की मुख्य जड़ें प्रतिबंधों को हटाने, परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर टिकी हैं। अप्रैल के मध्य से ही अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिससे तेहरान की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक हो गई है। ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी को अवैध बताते हुए इसे उकसावे वाली कार्रवाई करार दिया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता संकट

इस सैन्य तनाव का सबसे गहरा असर ऊर्जा बाजार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने की आशंका है। विवाद का केंद्र बनी ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत खनिज तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी दबाव कम नहीं हुआ, तो वह इस मार्ग पर आवाजाही को बाधित कर सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।

एक झलक में

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार तक समझौते की समय सीमा तय की है, अन्यथा बमबारी की चेतावनी दी है।
  • अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
  • पाकिस्तान में हुई हालिया शांति वार्ता बेनतीजा रही, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें कम हुई हैं।