संसद में राहुल गांधी की पट्टी ने खींचा सबका ध्यान, मार्शल आर्ट्स अभ्यास के दौरान लगी चोट

महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उस समय उत्सुकता फैल गई, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दाहिने हाथ पर सफेद पट्टी बंधी देखी गई। सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने भी उनकी चोट को लेकर सवाल किया। यह घटना सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई, क्योंकि सदन के भीतर और बाहर हर कोई इस चोट के पीछे का कारण जानना चाहता था।
मार्शल आर्ट्स और चोट का कारण
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी को यह चोट जापानी मार्शल आर्ट्स ‘जू-जित्सु’ के नियमित अभ्यास के दौरान लगी है। राहुल गांधी लंबे समय से इस कॉम्बैट स्पोर्ट्स से जुड़े हुए हैं और अक्सर अपने शारीरिक फिटनेस और मानसिक संतुलन के लिए इसका उल्लेख करते रहे हैं। जू-जित्सु उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है, जिसका अभ्यास करते हुए उन्हें यह मामूली खिंचाव या चोट आई है, जिसके कारण उन्हें हाथ पर पट्टी बांधनी पड़ी।
महिला आरक्षण पर तीखे तेवर
सदन में इस शारीरिक चोट के बावजूद राहुल गांधी राजनीतिक रूप से पूरी तरह सक्रिय नजर आए। उन्होंने महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने पर सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और विपक्ष महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन सरकार इस विधेयक की आड़ में देश के निर्वाचक ढांचे को बदलना चाहती थी, जिसका विरोध करना आवश्यक था।
राजनीतिक प्रभाव और मांग
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांग की कि यदि सरकार साल 2023 के महिला आरक्षण विधेयक को वर्तमान स्वरूप में तुरंत लागू करने के लिए लाती है, तो विपक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा। इस बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में आरक्षण की शर्तों और परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है। विपक्ष का तर्क है कि आरक्षण बिना किसी छिपे हुए एजेंडे के सीधे तौर पर मिलना चाहिए।
एक झलक में
- लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी के दाहिने हाथ पर सफेद पट्टी बंधी नजर आई।
- चोट का कारण जापानी मार्शल आर्ट्स ‘जू-जित्सु’ का नियमित अभ्यास बताया जा रहा है।
- राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक के विरोध की वजह निर्वाचक ढांचे में संभावित बदलाव को बताया।
- विपक्ष ने 2023 के मूल महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की चुनौती सरकार को दी है।
