गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान ने चला ‘प्रेग्नेंसी कार्ड’, क्या टीसीएस कांड की मुख्य आरोपी को मिलेगी राहत?

बहुराष्ट्रीय कंपनी टीसीएस (नासिक) में महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न और मतांतरण के प्रयास मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने अब कानूनी दांवपेच का सहारा लिया है। करीब 22 दिनों से फरार चल रही निदा ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। बचाव पक्ष का तर्क है कि निदा खान वर्तमान में गर्भवती हैं और इसी व्यक्तिगत आधार पर गिरफ्तारी से राहत की मांग की जाएगी।
कानूनी घेराबंदी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस संगठित अपराध के सिलसिले में अब तक दानिश शेख और तौसिफ अत्तार समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन निदा खान अभी भी गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की तीन विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच न केवल पीड़िता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई, बल्कि शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और कार्यालय परिसर में अशोभनीय व्यवहार जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया।
आरोपों की गंभीरता और निदा की भूमिका
जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान इस पूरे प्रकरण में अन्य आरोपियों और पीड़ितों के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी। हालांकि, उनके वकील का दावा है कि निदा एचआर मैनेजर नहीं बल्कि प्रोसेस एसोसिएट थी और उन पर मतांतरण के सीधे आरोप नहीं हैं। इस मामले ने कॉर्पोरेट जगत में सुरक्षा और कार्यस्थल के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके दूरगामी प्रभाव कंपनी की साख और कर्मचारियों के भरोसे पर पड़ सकते हैं।
एक झलक में
- टीसीएस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान ने गर्भावस्था के आधार पर अग्रिम जमानत के लिए अर्जी देने की तैयारी की।
- पुलिस द्वारा अब तक सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि निदा पिछले 22 दिनों से फरार है।
- आरोपियों पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के तहत कुल 9 मामले दर्ज हैं।
- मामले में दानिश शेख और तौसिफ अत्तार पर शारीरिक शोषण और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप हैं।
