पाकिस्तान में बढ़ेगी सेना प्रमुख मुनिर की ताकत

पाकिस्तान सरकार सेना प्रमुख असीम मुनिर की शक्तियों में इजाफा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। खबर है कि शाहबाज शरीफ की सरकार जल्द ही 27वां संविधान संशोधन बिल पेश करने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित संशोधन के तहत न केवल सेना बल्कि खासतौर पर सेना प्रमुख के अधिकारों में व्यापक विस्तार किया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बिल पास होता है, तो पाकिस्तान में सेना का प्रभाव एक बार फिर से राजनीतिक सत्ता पर हावी हो सकता है।
इस मुद्दे को सबसे पहले पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो ने सार्वजनिक किया। भुट्टो ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार ने इस बिल के समर्थन के लिए उनसे संपर्क किया है। वहीं, उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी इस संशोधन प्रस्ताव की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, इस बिल में संवैधानिक अदालत की स्थापना, चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और न्यायाधीशों के तबादले जैसे प्रावधान शामिल हैं।
सबसे अहम बात यह है कि संशोधन में संविधान की धारा 243 में बदलाव का प्रस्ताव है, जो सेना प्रमुख की नियुक्ति और सशस्त्र बलों के नियंत्रण से संबंधित है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मुनिर के प्रभाव को संस्थागत रूप से मजबूत करेगा। 1999 में परवेज मुशर्रफ के तख्तापलट के बाद पहली बार पाक राजनीति में सैन्य हस्तक्षेप की ऐसी संभावना देखी जा रही है।
