बिहार चुनाव में महिला वोट बनेगा NDA का तुरुप का इक्का

बिहार चुनाव में महिला वोट बनेगा NDA का तुरुप का इक्का

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में एनडीए ने महागठबंधन के गढ़ों में सेंध लगाने की रणनीति बना ली है। पिछली बार जहां आरजेडी नेतृत्व वाले महागठबंधन ने 61 सीटें जीती थीं, वहीं एनडीए को 59 सीटों पर सफलता मिली थी। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला वोटरों को लुभाने के लिए “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जो आगे बढ़ने पर दो लाख रुपये तक हो सकती है।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वादा किया है कि एनडीए की सरकार बनने पर एक करोड़ महिलाओं को ‘लाखपति दीदी’ बनाया जाएगा। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता की योजना तैयार की गई है। दूसरी ओर, आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव भी महिला वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए कई वादे कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बिहार की सत्ता की चाबी महिलाओं के हाथों में हो सकती है।

इसके अलावा एनडीए को अपने पुराने सहयोगियों चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की वापसी से भी बल मिला है। 2020 के चुनाव में दोनों दलों के अलग लड़ने से एनडीए को नुकसान हुआ था। अब इनके लौटने से जमीनी समीकरण बदलते दिख रहे हैं। पहले चरण के लिए 45 हजार बूथों पर मतदान शांतिपूर्वक जारी है और आयोग ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था की बात कही है।