भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द मुहर संभव: नीति आयोग

भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों में नई उम्मीद जगी है। नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सोमवार को कहा कि दोनों देश एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस पर सहमति बनने की उम्मीद है। नीति आयोग की ‘ट्रेड वॉच क्वार्टरली’ रिपोर्ट जारी करते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि दोनों पक्ष अभी भी संवाद में हैं और हालिया बैठकों से उम्मीदें बढ़ी हैं।

ट्रंप प्रशासन द्वारा अगस्त में भारतीय वस्तुओं पर 50% तक टैरिफ बढ़ाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत ने इसे अनुचित बताया था, जबकि अमेरिका ने इसे रूस से भारत के कच्चे तेल आयात से जोड़ा। हालांकि, हाल के महीनों में माहौल नरम हुआ है और व्यापार वार्ता फिर से सक्रिय हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को संतुलित दिशा दे सकता है।

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अगर नवंबर तक समझौता हो जाता है, तो बाजार में कोई बड़ा व्यवधान नहीं होगा। उन्होंने भारत के विनिर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने और शुल्क बाधाओं को घटाने पर जोर दिया। चीन को एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अपने उत्पादन में विविधता लानी होगी, तभी दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता संभव है।