बैंक धोखाधड़ी से बचने के लिए ज़रूरी सावधानियां

कोलकाता: हाल ही में लखनऊ के जंकिपुरम स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में प्रबंधक और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी ने आम ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि उन्होंने लोन आवेदन के दौरान मिले दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए ग्राहक के पैसे को कंपनियों और फिर निजी इस्तेमाल के लिए मोड़ दिया। यह घटना बताती है कि कभी-कभी बैंक कर्मचारी भी धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में ऑनलाइन माध्यम से लोन आवेदन करना अधिक सुरक्षित है। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर सभी जानकारी, ईएमआई कैलकुलेटर और प्रोसेसिंग चार्ज जैसे विवरण आसानी से उपलब्ध रहते हैं। इस तरह ग्राहकों को अनावश्यक रूप से कर्मचारियों के साथ दस्तावेज साझा नहीं करने पड़ते। साथ ही, अगर किसी बैंक कर्मचारी की गतिविधि संदिग्ध लगे तो तुरंत शाखा प्रबंधक, शिकायत निवारण अधिकारी और बैंक लोकपाल को सूचित करना चाहिए।

सुरक्षा के लिहाज से विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोन लेने के लिए पहले उसी बैंक से संपर्क करें जहां आपका लंबा खाता संबंध हो। इसके अलावा, किसी भी परिस्थिति में एटीएम पिन, पासवर्ड या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी बैंक कर्मचारियों तक साझा नहीं करनी चाहिए। रिज़र्व बैंक समय-समय पर इस बारे में चेतावनी जारी करता है कि कर्मचारी और बैंक संस्था में फर्क समझना जरूरी है। ग्राहकों की सतर्कता ही धोखाधड़ी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।