ब्रिटेन संसद में गूंजे बांग्लादेश हिंसा के हालात
ब्रिटेन की संसद में बांग्लादेश की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। वोकिंग क्षेत्र के निवासियों की ओर से पेश की गई एक याचिका में आरोप लगाया गया कि अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की सरकार में आम लोग असुरक्षा, हिंसा और दमन का सामना कर रहे हैं। खासतौर पर हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हमलों की घटनाओं का उल्लेख किया गया।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में चरमपंथी हिंसा और राजनीतिक हमले बढ़ते जा रहे हैं। महिलाओं के साथ उत्पीड़न की घटनाएं भी तेज़ी से सामने आ रही हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि यूनुस सरकार निर्वाचित नहीं है और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के अभाव में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए ब्रिटेन से आग्रह किया गया कि वह संयुक्त राष्ट्र के जरिए स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करे और दोषियों को जवाबदेह ठहराने के लिए दबाव बनाए।
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टें भी इन आरोपों को पुष्ट करती हैं। RRAG की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार यूनुस सरकार के पहले 100 दिनों में ही लगभग 1,600 आपराधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें लाखों लोगों के नाम शामिल हैं। इस बीच, ब्रिटेन सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह बांग्लादेश में लोकतंत्र, सुशासन और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सहयोग जारी रखेगी। विदेश मामलों की उपमंत्री कैथरीन वेस्ट ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा ब्रिटेन की प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार संवाद हो रहा है।
