युवा एशिया कप विवाद पर कप्तान जितेश की सफाई

भारत ए टीम को दोहा में हुए युवा एशिया कप के सेमीफाइनल में सुपर ओवर की रोमांचक भिड़ंत में हार का सामना करना पड़ा। मैच टाई होने के बाद बैटिंग क्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया, खासतौर पर इस फैसले पर कि शानदार शुरुआत करने वाले 14 वर्षीय वैभव को निर्णायक ओवर में क्यों नहीं भेजा गया।
कप्तान जितेश शर्मा ने मैच के बाद स्पष्ट किया कि यह केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक निर्णय था। उन्होंने कहा कि पावरप्ले में वैभव और प्रियांश टीम के प्रमुख बल्लेबाज हैं, लेकिन डेथ ओवरों में बड़े शॉट लगाने की क्षमता उनके, आशु और रमन के पास अधिक है। “टीम के हालात को देखकर हमने मिलकर फैसला लिया,” कप्तान ने कहा।
भारत की रनचेज़ में वैभव ने मात्र 15 गेंदों में 38 रन ठोककर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई थी। इसके बावजूद सुपर ओवर में उन्हें न भेजे जाने पर कई प्रशंसक निराश थे। हालांकि कप्तान जितेश अपनी रणनीति पर कायम दिखे। सुपर ओवर में दोनों भारतीय बल्लेबाज बिना खाता खोले लौटे और प्रतिद्वंद्वी टीम ने आसान लक्ष्य हासिल कर फाइनल में जगह बना ली। इस हार ने टीम की योजनाओं और दबाव में फैसले लेने की प्रक्रिया पर नई बहस छेड़ दी है, लेकिन कप्तान अपनी सोच को लेकर आत्मविश्वास बनाए हुए हैं।
