गिल का दोहरा शतक बना विवाद का कारण
बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर शुभमन गिल ने टेस्ट क्रिकेट में एक ऐतिहासिक पारी खेली, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 387 गेंदों पर 269 रन बनाते हुए न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। वह SENA देशों में दोहरा शतक लगाने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज़ बने, और बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेलने का रिकॉर्ड भी बनाया।
हालांकि, पूर्व भारतीय खिलाड़ी योगराज सिंह गिल की इस उपलब्धि से संतुष्ट नहीं दिखे। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अगर ब्रायन लारा 400-500 रन बना सकते हैं, तो गिल को भी ट्रिपल सेंचुरी बनानी चाहिए थी। यह एक क्रिकेटिंग क्राइम है।” उन्होंने दावा किया कि इस पारी का श्रेय उनके बेटे युवराज सिंह और हेड कोच गौतम गंभीर को जाता है। योगराज ने कहा कि युवराज ने गिल को व्यक्तिगत रूप से कोचिंग दी है और गिल की बल्लेबाज़ी में उसका साफ असर दिखता है।
योगराज सिंह के इस बयान पर क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे अनुचित आलोचना मानते हैं, तो कुछ इसे गिल के प्रदर्शन से और अधिक उम्मीद के रूप में देख रहे हैं। जहां एक ओर गिल का यह स्कोर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गया है, वहीं दूसरी ओर यह बयान बहस का मुद्दा बन गया है कि क्या खिलाड़ियों से हर बार ‘परफेक्ट’ प्रदर्शन की अपेक्षा करना वाजिब है?
