गावस्कर की शांति अपील: पहलगाम हमले का क्या हासिल?

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और आतंकवादियों से सवाल किया कि 78 वर्षों की हिंसा से क्या हासिल हुआ। 24 अप्रैल को IPL 2025 के रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के मैच से पहले स्टार स्पोर्ट्स पर अपनी शांति अपील में गावस्कर ने कहा, “मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। आतंकियों और उनके समर्थकों से पूछना चाहता हूँ—इन हमलों से क्या मिला? एक मिलीमीटर जमीन भी नहीं बदली। अगले 78,000 सालों में भी कुछ नहीं बदलेगा। क्यों न शांति से देश को मजबूत करें?” यह हमला, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए, 2008 के मुंबई और 2019 के पुलवामा हमलों की दर्दनाक यादें ताजा करता है।

23 अप्रैल को हैदराबाद में सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच IPL मैच में खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधकर और मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। BCCI ने इस मैच में संगीत, आतिशबाजी और चीयरलीडर्स को निलंबित कर राष्ट्रीय शोक का सम्मान किया। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पुष्टि की कि भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला में भाग नहीं लेगा, जो राष्ट्रीय भावनाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम भारत-पाक तनाव के बीच और सख्त होता दिख रहा है।

गावस्कर की शांति अपील ने क्रिकेट जगत और प्रशंसकों के बीच गहरी प्रतिध्वनि पैदा की है। क्रिकेट विश्लेषक अनिल मेहता ने कहा, “गावस्कर का संदेश न केवल भावनात्मक है, बल्कि यह हिंसा के खिलाफ एकजुटता का आह्वान भी है।” पहलगाम हमले ने देश को झकझोर दिया है, और ऐसे समय में क्रिकेट जैसे मंच का उपयोग शांति और एकता के संदेश को बढ़ावा देने के लिए करना सराहनीय है। यह अपील समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा बन सकती है।