दिल्ली में बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा
दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ अब “डायबिटीज कैपिटल” भी बनती जा रही है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित 2021 की एक स्टडी के अनुसार, दिल्ली में हर चार में से एक व्यक्ति डायबिटीज से प्रभावित है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, अस्वस्थ खानपान और बढ़ता प्रदूषण इसके मुख्य कारण हैं।
फोर्टिस C-DOC अस्पताल के चेयरमैन डॉ. (प्रो.) अनुप मिश्रा ने कहा, “दिल्ली में डायबिटीज के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। यदि समय रहते इसे काबू में नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।” उन्होंने बताया कि लंबे समय तक डेस्क जॉब करना, तनाव, जंक फूड और व्यायाम की कमी इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। साथ ही, देर से डायग्नोसिस कराना मरीजों के लिए खतरनाक साबित होता है।
डॉक्टरों के अनुसार, डायबिटीज से पहले की स्थिति यानी प्री-डायबिटीज में समय रहते पहचान और सुधार जरूरी है। इस अवस्था में ब्लड शुगर सामान्य से अधिक लेकिन डायबिटीज स्तर से कम होता है। अगर इस दौरान खानपान पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम और तनाव से बचाव किया जाए तो डायबिटीज को रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर इस बीमारी से बचाव संभव है।
