क्रिएटिनिन बढ़ने पर सावधान रहें, इन आसान आदतों से रखें किडनी सुरक्षित

रक्त में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ना अक्सर किडनी की कार्यक्षमता में गड़बड़ी का संकेत होता है। यह एक अपशिष्ट पदार्थ है जो मांसपेशियों की ऊर्जा उपयोग प्रक्रिया में बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक प्रोटीन या रेड मीट का सेवन शरीर में क्रिएटिनिन की मात्रा बढ़ा सकता है। इसीलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि जिन लोगों में किडनी की समस्या का खतरा है, वे प्रोटीन का सेवन सीमित करें और आहार में हल्के, फाइबरयुक्त भोजन शामिल करें।
शोधों में यह पाया गया है कि फाइबर-समृद्ध भोजन जैसे फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज रक्त में क्रिएटिनिन के स्तर को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। साथ ही, अधिक पानी पीने से शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं, परंतु किडनी रोगियों को पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि डिहाइड्रेशन की स्थिति में क्रिएटिनिन स्तर और बढ़ सकता है।
इसके अलावा, सोडियम और फॉस्फोरस से भरपूर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, पेनकिलर जैसी NSAID दवाओं का अत्यधिक उपयोग और क्रीएटिन सप्लिमेंट्स का सेवन क्रिएटिनिन को और बढ़ा सकता है। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. आर. मिश्रा के अनुसार, “नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली ही किडनी को स्वस्थ रख सकती है।” इसलिए, स्वस्थ आदतें अपनाना और समय-समय पर रक्त जांच करवाना किडनी के लिए बेहद जरूरी है।
