क्या माइग्रेन से पीड़ित लोगों को एसी में बैठना चाहिए? विशेषज्ञों ने बताई सच्चाई

गर्मी का मौसम अपने चरम पर है। चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए लोग घरों, दफ्तरों और गाड़ियों में एयर कंडीशनर (एसी) का सहारा ले रहे हैं। ठंडी हवा जहां एक ओर सुकून देती है, वहीं माइग्रेन से जूझ रहे लोगों के लिए यह सवाल परेशानी का सबब बन गया है- क्या एसी में बैठना या सोना उनके लिए सुरक्षित है? माइग्रेन, जो एक गंभीर और बार-बार होने वाला सिरदर्द है, कई बार ठंडी हवा या तापमान में बदलाव से और उग्र हो जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों की राय और सावधानियों को समझना जरूरी हो जाता है।
माइग्रेन कोई साधारण सिरदर्द नहीं है। यह अचानक शुरू होता है और कई बार घंटों तक परेशान करता है। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति गुप्ता बताती हैं, “माइग्रेन के पीछे कई ट्रिगर होते हैं- तेज रोशनी, शोर, तनाव, नींद की कमी, और मौसम में अचानक बदलाव। ठंडी हवा भी इन्हीं में से एक हो सकती है।” उनका कहना है कि जब एसी की ठंडी हवा सीधे सिर या चेहरे पर पड़ती है, तो सिर की नसें सिकुड़ सकती हैं, जिससे दर्द बढ़ने की आशंका रहती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एसी से निकलने वाली सूखी और ठंडी हवा शरीर में नमी की कमी पैदा करती है। इससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है, जो माइग्रेन को और भड़का सकता है। इसके अलावा, गर्मी से ठंडे कमरे में जाना या बार-बार तापमान बदलना भी शरीर के लिए झटके की तरह काम करता है। डॉ. गुप्ता कहती हैं, “ऐसे में माइग्रेन के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है।”