क्या आम खाने से बढ़ता है शुगर? जानिए डायबिटीज मरीजों के लिए फल खाने का सही तरीका!

गर्मियों के मौसम में आम का स्वाद हर कोई लेना चाहता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह अक्सर चिंता का विषय बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 51 से 60 के बीच होता है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि आम रक्त शर्करा को बहुत तेजी से तो नहीं बढ़ाता, लेकिन यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए, तो यह सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
सीमित मात्रा है जरूरी
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि आम में नेचुरल शुगर होती है, इसलिए इसकी मात्रा पर ध्यान देना अनिवार्य है। डायबिटीज के मरीजों को एक दिन में 100 ग्राम से अधिक आम नहीं खाना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से इंसुलिन का स्तर प्रभावित हो सकता है, इसलिए इसे केवल स्वाद के तौर पर सीमित मात्रा में ही लेना सुरक्षित है।
शुगर लेवल नियंत्रित रखने के उपाय
सेहत विशेषज्ञों की सलाह है कि आम को कभी भी सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिए। ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकने के लिए आम को नट्स या फाइबर युक्त फलों के साथ खाना चाहिए। नट्स में मौजूद प्रोटीन शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है। इसके अलावा, आम का शेक या जूस पीने के बजाय उसे सीधे काटकर खाना अधिक फायदेमंद होता है।
एक झलक में
आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 51-60 के बीच होता है, जो मध्यम स्तर का माना जाता है।
डायबिटीज के मरीज दिन भर में अधिकतम 100 ग्राम तक ही आम का सेवन करें।
खाली पेट आम खाने से बचें और इसे हमेशा नट्स या फाइबर वाले भोजन के साथ लें।
जूस या शेक के बजाय साबुत फल खाना शुगर लेवल के लिए सुरक्षित है।
