सावधान! क्या दोबारा गरम किया गया तेल आपके शरीर में कैंसर फैला रहा है?

रसोई में तेल बचाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। अक्सर हम पूरी या पकौड़े तलने के बाद बचे हुए तेल का बार-बार इस्तेमाल करते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार यह आदत जानलेवा हो सकती है। तेल को जब बार-बार उच्च तापमान पर गरम किया जाता है, तो इसमें ‘पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन’ (PAH) और फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं, जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं को जन्म देते हैं।
दिल और दिमाग पर गंभीर हमला जले हुए तेल में ट्रांस फैट की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, जो रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इससे धमनियां ब्लॉक हो सकती हैं और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शोध यह भी बताते हैं कि इस तेल के जहरीले तत्व मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे याददाश्त कमजोर होने और अल्जाइमर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
लिवर और पाचन की समस्याएं बार-बार गरम तेल के सेवन से एसिडिटी, सीने में जलन और अल्सर जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर की कार्यक्षमता नष्ट हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तलने के लिए उतना ही तेल इस्तेमाल करें जितनी जरूरत हो, ताकि उसे दोबारा गरम करने की नौबत न आए।
एक झलक में
- तेल को दोबारा गरम करने से कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक फ्री रेडिकल्स बनते हैं।
- ट्रांस फैट बढ़ने से दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
- यह लिवर की सेहत को बिगाड़ने के साथ-साथ याददाश्त पर भी बुरा असर डालता है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेल का एक बार से ज्यादा इस्तेमाल वर्जित होना चाहिए।
