भारत ने साधा निशाना: पाकिस्तान पर परमाणु हथियारों की कालाबाजारी का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने एक बार फिर दुनिया में परमाणु गतिविधियों पर बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने संकेत दिया कि पाकिस्तान समेत कई देश गुप्त रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान का इतिहास “गुप्त और अवैध परमाणु गतिविधियों” से भरा पड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा, “पाकिस्तान दशकों से परमाणु तस्करी, अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन और गुप्त साझेदारियों में शामिल रहा है।”
ट्रंप ने अपने बयान में रूस, चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया जैसे देशों पर परमाणु परीक्षण शुरू करने का आरोप लगाया था। उनके इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर आए भूकंप इन कथित गुप्त परीक्षणों से जुड़े हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल से मई के बीच पाकिस्तान ने सीमित परमाणु परीक्षण किए होने की आशंका जताई गई है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियों को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चिंता जताता रहा है। यह आरोप नया नहीं है—1998 में अब्दुल कादिर खान के नेतृत्व में पाकिस्तान ने न केवल परमाणु परीक्षण किया था, बल्कि कई देशों को गुप्त रूप से तकनीक भी बेची थी। ट्रंप के बयान के बाद भारत का यह रुख एक बार फिर उस पुराने सच की याद दिलाता है।
