क्या कोजागरी लक्ष्मी पूजा में खलल डालेगा चक्रवात? बंगाल की ओर तेजी से बढ़ रहा नया खतरा!

दुर्गा पूजा की खुशियों के बीच बंगाल के मौसम को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। हर घर में कोजागरी लक्ष्मी पूजा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। रविवार को लक्ष्मी पूजा है, लेकिन उससे ठीक पहले मौसम का मिजाज लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र में एक शक्तिशाली डिप्रेशन यानी निम्नचাপ बन रहा है, जो अगले सोमवार तक एक गंभीर चक्रवात का रूप ले सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवात का मुख्य रुख दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर है, लेकिन इसका सीधा असर पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पर भी पड़ेगा।
मौसम कार्यालय के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस चक्रवात के प्रभाव से मंगलवार से ही पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने और बारिश शुरू होने की संभावना है। स्थिति और गंभीर हो सकती है क्योंकि बुधवार से शुक्रवार तक तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। समुद्र के अशांत होने की आशंका के चलते मछुआरों को पहले ही गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें तुरंत तट पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले बीते सितंबर महीने में भी चक्रवात ‘अर्नब’ के आने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, उस समय वह निम्नचपात चक्रवात में परिवर्तित नहीं हो पाया था, जिसके कारण ‘अर्नब’ नाम का इस्तेमाल नहीं हो सका था। मौसम विज्ञान के नियमों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठने वाले चक्रवातों के नामकरण की एक तय प्रक्रिया होती है। इसमें कुल 13 देशों की एक पूर्व निर्धारित सूची होती है, जिसके आधार पर नाम रखे जाते हैं। चूंकि पिछली बार यह नाम इस्तेमाल नहीं हुआ था, इसलिए इस बार के चक्रवात के लिए उसी पुराने नाम ‘अर्णब’ का उपयोग किया जा रहा है।
इस बदलती हुई स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है, विशेष रूप से तटीय जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। लक्ष्मी पूजा के उल्लास के बीच मौसम के इस अचानक बदलाव से लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को नवीनतम अपडेट से अवगत कराया जा रहा है।
