दुनिया पर राज करतीं रिलायंस, एनवीडिया, टोयोटा
दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की सूची में हर देश से एक दिग्गज कंपनी अपनी अलग पहचान बना रही है. अमेरिका की एनवीडिया ने 4 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट कैप के साथ सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में झंडा गाड़ा है, तो भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज 222 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन के साथ ऑयल, टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर में दबदबा बनाए हुए है. वहीं, जापान की टोयोटा अपनी विश्व प्रसिद्ध कारों के दम पर 250 बिलियन डॉलर की कंपनी बन चुकी है, हालांकि हाल में इसके शेयरों में 16% गिरावट दर्ज की गई है.
चीन की टेंसेंट, 585 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन के साथ टेक्नोलॉजी और गेमिंग की दुनिया में बड़ी भूमिका निभा रही है. इसी तरह सऊदी अरब की सऊदी अरामको 1.6 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की टॉप ऑयल कंपनियों में से एक है. नीदरलैंड की एएसएमएल और ताइवान की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी भी वैश्विक चिप सप्लाई चेन का अहम हिस्सा हैं.
दिग्गज कंपनियां न सिर्फ अपने देश की अर्थव्यवस्था को दिशा देती हैं, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हैं. जर्मनी की सैप, फ्रांस की हर्म्स और दक्षिण कोरिया की सैमसंग ने यह सिद्ध कर दिया है कि नवाचार, विस्तार और बाजार रणनीति से कोई भी कंपनी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शीर्ष पर पहुंच सकती है. यह कंपनियां आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं.
