बंगाल में टीएमसी के शासन में बढ़ा भ्रष्टाचार और अराजकता, धर्मेंद्र प्रधान ने साधा तीखा निशाना

बंगाल में टीएमसी के शासन में बढ़ा भ्रष्टाचार और अराजकता, धर्मेंद्र प्रधान ने साधा तीखा निशाना

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य पूरी तरह से अराजकता, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आ चुका है। प्रधान के अनुसार, बंगाल की प्रशासनिक संरचना ‘सिंडिकेट राज’ के कारण कमजोर हो गई है, जिससे विकास की राह में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

प्रशासनिक विफलता और बढ़ता जन आक्रोश मंत्री ने दावा किया कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। युवाओं में बेरोजगारी के कारण पलायन बढ़ रहा है और महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे को खोखला बताते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है, जिससे जनता के बीच सरकार के प्रति भारी अविश्वास पैदा हुआ है।

चुनाव में बदलाव का दावा धर्मेंद्र प्रधान ने टीएमसी सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों को छीनने का भी आरोप लगाया। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता इस अन्याय का करारा जवाब देगी और भाजपा के पक्ष में एक निर्णायक जनादेश देकर भय के इस माहौल को समाप्त करेगी।

एक झलक में

  • धर्मेंद्र प्रधान ने बंगाल में भ्रष्टाचार और ‘सिंडिकेट राज’ के लिए तृणमूल सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
  • कानून-व्यवस्था में गिरावट, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को मुख्य मुद्दा बनाया गया।
  • सरकार पर घुसपैठियों के तुष्टीकरण और नागरिकों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया।
  • आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत और टीएमसी की हार की भविष्यवाणी की गई।