पहलगाम हमला: कश्मीर पर्यटन संकट में, 70% बुकिंग रद्द
पर्यटकों का पलायन कश्मीर की सड़कों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर साफ दिख रहा है। बिहार के सुरेश कुमार, जो वैष्णो देवी दर्शन के बाद पहलगाम जाने वाले थे, ने कहा, “अब वहां जाना पागलपन होगा।” मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे “दिल दहला देने वाला” बताते हुए कहा, “हम पर्यटकों के डर को समझते हैं, लेकिन यह हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।” हमले के बाद जम्मू रेलवे स्टेशन पर विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, और स्थानीय ऑटो चालक मुफ्त सेवा देकर पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं।
आगामी अमरनाथ यात्रा, जो 3 जुलाई से शुरू होगी, पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। ऑल जम्मू होटल्स एंड लॉज एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत खजूरिया ने कहा, “केंद्र सरकार को यात्रा की सुरक्षा सेना को सौंपनी चाहिए।” सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में भी यात्रा और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग की गई है। सुरक्षा बलों ने पहलगाम में तलाशी अभियान तेज कर दिया है, लेकिन पर्यटन उद्योग के सामने अनिश्चितता का संकट गहरा गया है।
