खामेनेई नहीं बल्कि अहमद वाहिदी के पास है ईरान की असली कमान!

खामेनेई नहीं बल्कि अहमद वाहिदी के पास है ईरान की असली कमान!

ईरान की सत्ता में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के अंडरग्राउंड होने के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तेहरान पर अपना पूरा नियंत्रण कर लिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी वर्तमान में ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बनकर उभरे हैं, जो सरकार के फैसलों को भी पलटने की ताकत रखते हैं।

चुनी हुई सरकार हुई दरकिनार अहमद वाहिदी ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के साथ मिलकर ईरान की कूटनीति और रणनीतिक फैसलों पर कब्जा कर लिया है। इसका सबसे बड़ा सबूत तब मिला जब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के विदेश मंत्रालय के फैसले को आईआरजीसी ने मानने से इनकार कर दिया। अब ईरान के डेलिगेशन और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में केवल उन्हीं लोगों को शामिल किया जा रहा है जो वाहिदी के करीबी माने जाते हैं।

आक्रामक सैन्य नीति का असर कासिम सुलेमानी के करीबी रहे वाहिदी के हाथों में सत्ता आने से ईरान की विदेश नीति और अधिक सख्त होने की संभावना है। आईआरजीसी ने हाल ही में अमेरिका को सबक सिखाने की चेतावनी दी है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। जानकारों का मानना है कि उदारवादी नेताओं के साइडलाइन होने से अब ईरान पूरी तरह से सैन्य शासन की राह पर चल पड़ा है।

एक झलक में

  • सर्वोच्च नेता की अनुपस्थिति में आईआरजीसी प्रमुख अहमद वाहिदी ईरान के वास्तविक शासक बन गए हैं।
  • विदेश मंत्रालय के फैसलों को दरकिनार कर सेना अब ईरान की अंतरराष्ट्रीय नीतियों को तय कर रही है।
  • वाहिदी ने सुरक्षा परिषद के साथ गठबंधन कर उदारवादी नेताओं के प्रभाव को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
  • ईरान के इस सैन्य रुख से वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है।