भारत-चीन पर पुतिन का ट्रंप को सीधा संदेश

बीजिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और खासकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अप्रत्यक्ष संदेश देते हुए कहा कि दुनिया अब एकध्रुवीय नहीं रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को नज़रअंदाज़ करना असंभव है। पुतिन के मुताबिक, वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर किसी एक देश का दबदबा अब स्वीकार्य नहीं होगा।

पुतिन ने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था क्रय शक्ति समानता में शीर्ष चार में है। भारत और चीन जैसे आर्थिक दिग्गज मौजूद हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि एक देश बाकी पर हावी हो।” उन्होंने स्पष्ट किया कि नई मल्टीपोलर व्यवस्था किसी पुराने साम्राज्यवादी ढाँचे की पुनरावृत्ति नहीं होगी, बल्कि इसमें बराबरी और साझेदारी की जगह होगी। BRICS और SCO जैसे मंचों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समूह दिखाते हैं कि वैश्विक फैसले साझा प्रयासों से लिए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अमेरिका की “अमेरिका फर्स्ट” नीति के प्रति सीधी चुनौती है। चीन, भारत, रूस और ब्राजील जैसी अर्थव्यवस्थाएँ लगातार वैश्विक मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। मल्टीपोलर दुनिया का मतलब है ऐसा तंत्र, जहाँ कोई अकेला बॉस न हो बल्कि कई देशों की ताकत और हित मिलकर वैश्विक संतुलन तय करें। पुतिन का संदेश साफ है—अब दौर बदल रहा है और अमेरिका की बादशाहत को सीधी चुनौती मिल रही है।