गाजा प्लान पर अमेरिका से असहमति, पाकिस्तानी सेना भेजेगा?
अमेरिका के गाजा शांति प्रस्ताव पर पाकिस्तान ने समर्थन तो जताया है, लेकिन इस्लामाबाद का कहना है कि उसकी सभी बातों को ट्रंप प्रशासन ने नहीं माना। उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका से हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने सुझाव दिए थे, मगर अंतिम ड्राफ्ट में उनके कई संशोधन शामिल नहीं किए गए।
डार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान ट्रंप की टीम के साथ चर्चा जारी रखेगा, लेकिन अपने एजेंडे को भी आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गाजा में हिंसा रोकने के लिए पाकिस्तान मुस्लिम राष्ट्रों की शांति सेना में सैनिक भेजने पर विचार कर सकता है। “यह फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा, ताकि फिलिस्तीन में एक स्वतंत्र सरकार की देखरेख अंतरराष्ट्रीय निगरानी निकाय कर सके,” डार ने कहा।
गौरतलब है कि ट्रंप के गाजा प्लान में 72 घंटे के भीतर बंधकों की रिहाई और अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती का उल्लेख है। इंडोनेशिया पहले ही 20,000 सैनिक भेजने की पेशकश कर चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान क्या वाकई गाजा में अपनी सेना भेजने का ऐतिहासिक फैसला करेगा या सिर्फ कूटनीतिक स्तर पर समर्थन तक सीमित रहेगा।
