भारत रूस को देगा 10 लाख कुशल वर्कर
नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों ने एक नया मोड़ ले लिया है। रूस, जो इन दिनों कुशल श्रमिकों की भारी कमी से जूझ रहा है, भारत से इस साल के अंत तक करीब 10 लाख कुशल वर्कर बुलाने की तैयारी में है। यह जानकारी रूसी उद्योग मंडल यूराल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख आंद्रेई बेसेदिन ने साझा की है। उन्होंने कहा कि स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र सहित कई रूसी औद्योगिक क्षेत्रों को विशेषज्ञ कार्यबल की जरूरत है, जिसे भारत की श्रम शक्ति पूरा करेगी।
स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र रूस का एक अहम औद्योगिक और सैन्य-उद्योगिक केंद्र है, जहां टी-90 टैंकों का निर्माण भी होता है। लेकिन यूक्रेन युद्ध और युवाओं की बदलती प्रवृत्तियों के चलते इन क्षेत्रों में श्रमिकों की भारी कमी देखी जा रही है। रूस अब भारत सहित श्रीलंका और उत्तर कोरिया जैसे देशों से भी कुशल श्रमिक आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत से आने वाले वर्कर रूसी औद्योगिक उत्पादन को नया जीवन देंगे और आर्थिक पुनरुद्धार में सहायक बनेंगे।
यह सिलसिला वर्ष 2024 में ही शुरू हो चुका था, जब रूसी क्षेत्र कैलिनिनग्राद ने भारतीय मछली प्रसंस्करण श्रमिकों को आमंत्रित किया था। रूसी श्रम मंत्रालय का अनुमान है कि 2030 तक देश को 31 लाख अतिरिक्त कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होगी। ऐसे में भारत से कुशल वर्कर का यह बड़ा कदम न सिर्फ रूस के लिए अहम है, बल्कि यह भारत के वैश्विक प्रभाव को भी मजबूती देगा।
